Covid-19 3rd Wave | Corona की तीसरी लहर | Covid-19 की तीसरी लहर से कैसे बचे ?

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका अपनी Website Filmibeat.org पर,आज हम बात करेंगे देश में चल रही इस महामारी की जी हां आज हम बात करने जा रहे हैं, Covid-19 के बारे में जैसा कि कोरोना वायरस की दो लहरों का सामना हम कर चुके हैं, जिससे पूरा देश हिल गया है और भारत देश की अर्थव्यवस्था पर भी भारी प्रभाव पड़ा है। बल्कि भारत देश की ही नहीं सभी देशों की अर्थव्यवस्था पर भारी प्रभाव पड़ा है।

कोरोना वायरस की महामारी से यदि हम पहली लहर से सबक सीख लेते तो दूसरी लहर को आसानी से रोक सकते थे, परंतु देश में लॉकडाउन हटने से कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने एक विशाल रूप धारण किया और देश में यह महामारी फिर से फैल गई। हालांकि कोरोना वायरस की दूसरी लहर पहली लहर से छोटी थी, परंतु पहली लहर से काफी असरदार थी, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ा।
जिस तरीके से कोरोना वायरस की महामारी दूसरी लहर में फैली है। उसी को देखते हुए और इस लहर से सबक लेते हुए सरकार ने तीसरी लहर से बचने की तैयारियां अभी से शुरू कर दी है।  यदि हम यह पहली लहर से सबक लेकर दूसरी लहर के लिए तैयार रहते तो बेशक हम कोरोना वायरस की दूसरी लहर को रोक सकते थे। हालांकि देश में संक्रमण कारीयो की संख्या में कमी होती जा रही है और ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, परंतु इससे यह साबित नहीं होता ही कोरोना वायरस की तीसरी लहर नहीं आएगी।
वैज्ञानिकों के अनुसारकोरोना वायरस की तीसरी लहर काफी हद तक खतरनाक होगी, जिसके लिए सरकार अपनी अपनी तैयारियों में जुट गई है।

Covid-19 तीसरी लहर में क्या होगा।

वैक्सीन की उपलब्धता के कारण करीब आने वाले तीन चार महीने में 18 साल से ऊपर के लोगों को टीकाकरण लग चुका होगा। अब बच्चे 18 साल से नीचे के लोग कोरोना वायरस अपनी तीसरी लहर में 18 साल से नीचे के लोगों को प्रभावित कर सकता है।

Experts  ने दूसरी लहर की सूचना सार्वजनिक की थी, परंतु उसका अनुमान बिल्कुल सटीक नहीं रहा। हमने अप्रैल माह में 10,0000 मरीजों का आकलन किया था। मगर दूसरी लहर का कहर मई में आया, जिससे संक्रमण कारीयो की संख्या 50,0000 तक पहुंची। इससे सबक लेते हुए हमें और आपको अभी से सावधान हो जाना चाहिए।

Covid-19 की पहली लहर में कोरोना वायरस इतना असरदार नहीं था, परंतु दूसरी लहर में यह थोड़ा और खतरनाक हो गया तो इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि तीसरी लहर में भी Covid-19 अपने एक अलग रूप में आक्रमण कर सकता है।

Covid-19 से छोटे बच्चो को खतरा

Experts के अनुसार कोरोना अपनी तीसरी लहर में छोटे बच्चो को अपना शिकार बना सकता है, क्योकि अब तक जिन छोटे बच्चो में कोरोना वायरस मिला है उनमे बच्चो के पेट में Infection मिला है, जो कुछ भी सामने आया उससे यही साबित होता है की कोरोना वायरस 18 साल से काम उम्र के बच्चो को संक्रमित करेगा |

क्योकि छोटे बच्चो की Immunity system इतनी अच्छी नहीं होती है। एक वयस्क के सामने | इसलिए छोटे बच्चो की सुरक्षा ज्यादा जरुरी है। आप अपने बच्चो को घर से न निकलने दे और उनकी खाने पिने की चीज़ो पर नज़र रखे | छोटे बच्चों में कुछ 5 लक्षण ज्यादा देखने को मिल रहे है जो इस प्रकर है।

  • अचानक तेज़ बुखार का आना।
  • सर्दी खासी या गले में खराश।
  • दस्त की शिकातय होना चक्कर।
  • चक्कर आना या दौरा पड़ना।
  • पेट में दर्द या मरोड़ उठना।

Covid-19 की लहरों का तिलिस्म

  • लोगों में प्रतिरक्षा और महत्वपूर्ण कदमों के साथ पहली लहर रोकी गई।
  • दूसरी लहर इसलिए आई क्योंकिकोरोना वायरस को संक्रमण फैलने का मौका मिला लोग लापरवाह हुए उन्होंने प्रतिरक्षा नहीं की।
  • जब तक नए स्तर की प्रतिरक्षा की जब तक दूसरी लहर संक्रमण हो चुकी थी।
  • पहली लहर के बाद व्यापक रूप से प्रतिरक्षा प्राप्त नहीं हुई, क्योंकि पहली लहर के दौरान लोगों में जागरूकता के कारण लोगों और सरकार ने बहुत ही जरूरी कदम उठाएं जोकि सफल साबित हुए।
  • हालांकि यह भी कहा जा सकता है कि दूसरी लहर पहली लहर की अपेक्षा छोटी थी, परंतु कई कारणों और हमारी लापरवाही ने इसे बढ़ा कर दिया।
  • जब यह वायरस सन 2019 में सामने आया था, तो यह सर्वसंक्रामक प्राकृति का था। उस टाइम यह केवल मनुष्य को ही नहीं बल्कि कई स्तनधारी प्राणियों को भी संक्रमित कर रहा था।
  • अक्टूबर सन 2020 में दूसरी लहर सामने आई और अब तक कोरोना वायरस काफी खतरनाक हो चुका था।
  • सन 2021 के शुरुआत में यह वायरस अपनी दूसरी लहर में काफी लोगों को संक्रमित कर चुका था। जब इसकी प्रतिरक्षा बढ़ाई गई तो वायरस के फैलने के सारे रास्ते बंद होते नजर आए।
  • जिस प्रकार से कोरोना वायरस पहली लहर से दूसरी लहर में और भी मजबूत होता गया, वैसे ही यदि यह तीसरी लहर में और भी मजबूत हुआ। यह भी एक बहुत बड़ा कारण है जिससे कि तीसरी लहर ने और भी आशंका डरा दिया है।

दूसरे देशों ने कैसे रोकी Covid-19 कि दूसरी लहर

America :- पिछले साल जुलाई में पहली लहर आई स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूत श्रंखला ने तत्परता से इलाज शुरू किया फिर कई छोटी-छोटी लहरें आई परंतु दूसरी घातक लहर नवंबर में आई और जनवरी में विकराल हो गई 300000 पर डे के Cases अमेरिका में सामने आए इसी कारण व्यापक रूप से टीकाकरण ने इसे कम किया।

Israel :- वैसे तो इजराइल देश में Covid-19 कि कई लहरी आए, परंतु हर बार जल्दी ही कमजोर पड़ती गई। टीकाकरण की तैयारियां भी तभी शुरू हो गई थी। जब टीको का परीक्षण अंतिम दौर में था। जनवरी में टीकाकरण की शुरुआत हुई और 58% आबादी को टीकाकरण लाया जा चुका था, जिसकी वजह से इजराइल देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर को रोका जा सका।

Europe :- पिछले साल नवंबर में इस देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर बरसा जनवरी तक पहुंचते-पहुंचते मरीजों की संख्या 300000 पहुंच गई और मरने वालों की संख्या 3000 से बढ़कर 7000 पहुंच गई इस परिणाम को देखते हुए, वहां की सरकार को Lockdown बढ़ाना पड़ा और टीकाकरण की रफ्तार भी बढ़ानी पड़ी परिणाम वहां के संक्रमण कारियो में 30 % की गिरावट आई जिसकी वजह से दूसरी लहर को रोका गया।

Britain :- दिसंबर में जब करो ना की एक दूसरी लहर आई तो इस देश में 7000 per day के cases सामने आए कई चरणों में lockdown करना पड़ा। जांच और एंटीबॉडी की गति तेज कर दी यहां की सरकार ने रोजाना 25,0000 जांच का target रखा जिससे काफी हद तक राहत मिली।

Corona की वैक्सीन में भी करना होगा बदलाव

केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक और सलाहकार प्रोफेसर K. Vijay Raghavan ने भी एक मीटिंग में कहा था कि भारत में तीसरी लहर की आशंका बरकरार है उन्हें कहा था कि हमारी वैक्सीन न्यू वैरिंट के लिए भी प्रभावी है, कोरोना वायरस मैं जैसे-जैसे बदलाव सामने आए हैं, वैसे-वैसे हम भी अपनी vaccine में बदलाव की जरूरत पड़ेगी और हम कोरोना वायरस मैं बदलते परिणामों के लिए तैयार हैं।

डॉक्टर के विजय राघवन ने अक्टूबर के बाद पूरी दुनिया में कोरोना की दूसरी लहर के लिए इसी वैरीअंट को जिम्मेदार ठहराया है पिछले साल जनवरी से लेकर सितंबर तक पूरी दुनिया में हर महीने कोरोना वायरस के दो वेरिएंट रिपोर्ट किए गए। यह वैरीअंट भी काफी हद तक पुराने कोरोनावायरस की तरह ही थे और इनके कारण संक्रमण बढ़ने का खतरा नहीं था, लेकिन सितंबर के अंत में तीन वैरीअंट ऐसे मिले जो पूरी दुनिया में चिंता का सबक बन गए। यह एजेंट ब्राजील दक्षिण अफ्रीका और ब्रिटेन में देखे गए जो इन देशों के साथ-साथ यूरोप और अमेरिका के कई देशों में दूसरी लहर का कारण बने भारत में भी और पंजाब में गुजरात में संक्रमण के लिए मुख्य तौर पर ब्रिटिश वैरीअंट को जिम्मेदार माना जा रहा है।

सबक

हमें तीसरी लहर रोकने के लिए पहली और दूसरी लहर से सबक लेते हुए इस आने वाली तीसरी लहर के लिए सावधान रहना चाहिए जैसा कि कोरोना वायरस अब हवा के संक्रमण से भी फैल रहा है,  इसलिए लोगों को 6 फीट की दूरी बनाए रखनी है जी हां जैसा। कि हम पहली लहर कि रोकने में पूर्णता सफल हुए क्योंकि लोगों में जागरूकता काफी हद तक बढ़ी और लोगों ने सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का पालन किया,परंतु दूसरी लहर के प्रति लोग और सरकार ने बड़ी मिस्टेक्स की और दूसरी लहर ने एक विराट रूप धारण कर लिया। इससे सबक लेते हुए हमें लोगों को जागरूकता और भयभीत नहीं होना चाहिए।

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